भजन :- शिव शंकर दानी (भक्ति रस रचना)
सुनिए दुखड़ा हमार, हे शिव शंकर दानी, करिए सपना साकार, हे शिव शंकर दानी । डमरूवाले बाबा काशीनाथ, दीजिए ध्यान, कोरोना महामारी की, बंद करें मनमानी। हे शिव शंकर दानी………….. भोलेनाथ मेरे, आज सारा संसार रो रहा है, आपकी सुंदर सृष्टि में, ये क्या हो रहा है..? करिए अपने भक्तों के आंसू को मुस्कान, सिर के ऊपर से भोले, बह रहा है पानी। हे शिव शंकर दानी…………. आपके सामने आपकी ऊजड़ रही है सृष्टि, आसमान से हो रही जैसे, मौत की वृष्टि। दानव नाच रहे हैं, और मानव कराह रहे, दूर करिए प्रभु, सारी दुनिया की परेशानी। हे शिव शंकर दानी…………… तीसरी आंख खोलें और त्रिशूल निकालें, आपके भक्तों की जा रही है जिंदगानी। सारी दुनिया आज राह देख रही आपकी, फल फूल लेकर खड़े हैं, हम हिन्दुस्तानी। हे शिव शंकर दानी………….. Shivkumar barman ✍️
2022-02-16 16:47:21
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